Dark Mode Logo (Optional)

Dark Mode Logo (Optional)

Coding Structure of 'C' Programs




 

Coding Structure of ‘C’ Programs

 

सबसे पहले किसी प्रोग्राम कि कोडिंग कि जाती है | कम्पाईल करने से प्रोग्राम कि हाई लेवल के कोई मशीनी भाषा के बाइनरी डिजिट्स में बदल जाते है जिन्हें हमारा Computer समझ सकता है | हम ‘सी ‘ प्रोग्राम के Execution को एक ब्लाक डायग्राम या Flow Chart से समझाने कि कोशिश कर रहे थे |

सबसे पहले कंप्यूटर चालू करेगे और ‘ सी ‘ भाषा के कोडों को लिख कर प्रोग्राम बनाएगे | इसे Source Program कहते है | प्रोग्राम बनाने के बाद इसकी किसी भी प्रकार कि व्याकरण सम्बन्धी गलती को Source Program Block में Edit करके सही करते है |

अब ‘ सी ‘ कम्पाईलर द्वारा प्रोग्राम को कम्पाइल करते है , जिससे प्रोग्राम को कंप्यूटर अपनी मशीनी भाषा में समझ सके | यदि प्रोग्राम में कोई अन्य वाक्य रचना सम्बन्धी गलती हो तो प्रोग्राम कंट्रोल पुनः सभी गलतियों के साथ Source Editing के लिए उसी Edit Source Program Block में चला जाता है |

जब प्रोग्राम में किसी भी प्रकार कि कोई व्याकरण सम्बन्धी गलती नहीं रह जाती है , तब Program Control उन System Library files  को प्रोग्राम में Use हुए है |

जैसे Input / Output के सारे Functions stdio.h नाम कि Header File में Store रहते है , इसलिए I/O कि सुविधा प्राप्त करने के लिए इस Header File को हर C Program में Include किया जाता है |

जब Program Control सभी आवश्यक Header Files को Program से Link कर देता है | फिर अगली Stage में user से Data Input करवाया जाता है व प्रोग्राम Execute होता रहता है | अब यदि किसी प्रकार कि तार्किक गलती हो तो यह गलती अगले प्रोसेस बॉक्स में पकड़ में आती है |

यदि गलती है , तो प्रोग्राम Control पुनः Edit Source Program Block में पहुँच जाता है और सारी कि सारी प्रकिया पुनः प्रोग्राम को डिबग करने में अपनाई जाती है | लेकिन यदि प्रोग्राम में कोई Error नहीं हो तो प्रोग्राम Correct Output देता है और समाप्त हो जाता है | इस तरह पूरा प्रोग्राम Step – By – Step Execute होता है |

Main ( ) Function

{

           Function Body

}

यह किसी भी प्रोग्राम का एक अनिवार्य हिस्सा है | जब भी कोई प्रोग्राम कम्पाईल करते है तो कम्पाईलर सर्वप्रथम् main ( ) Function को दूढता  है और इसके मझले कोष्टक से प्रोग्राम का Execution शुरू करता है | सभी Executables Code इन्ही मझले कोष्टक के बीच लिखे जाते है |

किसी भी Function कि शुरुवात व अंत में Statements इन्ही मझले कोष्ठको के बीच लिखे जाते है फिर चाहे ये  User Defined Functions हो या main ( ) Function , Program के हर Statement का अंत ‘;Semicolon के चिन्ह द्वारा ही होता है |




  

You may like these posts:

No comments:

Post a Comment