Dark Mode Logo (Optional)

Dark Mode Logo (Optional)

Similarities between Real World and Computer Program



Similarities between Real World and Computer Program

प्रोग्राम को हर रोज के हमारे दैनिक जीवन के कामों से भी समझ सकते हैं | जिस तरह हमें कोई सामान्य सा काम के लिए भी एक निश्चित क्रम का पालन करना परता है , उसी तरह कंप्यूटर को भी एक निश्चित क्रम में सूचनाए देनी होती है , की किस काम के बाद क्या काम करना है | ताकि एक निश्चित समाधान या मनचाहा प्राप्त किया जा सके | उदाहरण के लिए मान हमें कुछ सामान खरीदने के लिए बाजार जाना है , तो हमें निम्न क्रम में अपना काम करना परेगा

 

• किस समय बाजार जाए ताकि अधिकतर दुकाने खुली हो और भीड़ कम हो

• क्या – क्या खरीदना है ?

• कितने रूपयों की जरुरत होती ?

• किस सवारी से जाना है ?

• खरीदारी के साथ और क्या काम किया जा सकता है ? आदि – आदि

ठीक इसी तरह ‘सी’ Language में भी प्रोग्राम बनाया जाता है और उस समूह को Computer के समझने योग्य Programming Language में Coding के रूप में एक File में लिख दिया जाता है | इस File को Program की Source File कहते है |

जिस File में Computer के समझने योग्य Coding के रूप में विभन्न Steps या Instructions को लिखे गए होते है , उस File को Compile  किया जाता है | Source File को Compile करने पर एक नई File बनती है , जिसके Instructions को Computer का CPU समझ सकता है | इस Compiled File को Executable File या Exe File कहा जाता है , क्योंकि Compiling के बाद Create होने वाली इस नई File का Extension .EXE होता है |

अब हमें जब भी वह काम करना होता है , जिसके लिए हमें Program लिखा है , तो हमें Source file को वापस से Compile करने कि जरुरत नहीं होती है | हमें केवल उस Create होने वाली नई Executable File को ही Run करना होता है | इस File में CPU को जो कुछ करना है उसकी Instructions होती है जिन्हें CPU समझ सकता है | इस प्रकार से Computer में एक Program Create होता है |

इस पुरे Discussion के आधार पर यदि हम किसी Computer Program कि परिभाषा देना चाहे तो ये कह सकते है कि Computer Instructions का एक ऐसा सुव्यवस्थित क्रम , जिससे Computer द्वारा किस समस्या का उचित समाधान प्राप्त हो सके Program कहलाता है |


 



You may like these posts:

No comments:

Post a Comment